Wednesday, 9 July 2014

"गुज़रे हुए लम्हों की दास्ताँ हे शायरी, 'लम्हे' वो थे जो साथ बिताये थे और 'दास्ताँ' वो हे जो मै तन्हा बिता रहा हु।"!!!!

Tuesday, 8 July 2014

"तेरे जाने का गम हमे जीने नहीं देगा , और तेरे लौटने की आस हमे कभी मरने नहीं देगी" …........अब जो भी हे बस यही हे!!!!!!!!!